Thursday, 13 February 2020

Google Search Console क्या है Verify कैसे करे? - techdinesh06

Google Search Console क्या है Verify कैसे करे?

Google Search Console Google Ki Service Hai , Jise Webmaster Tool bhi Kaha Jata Hai.Blog ya Website ko Search me Laane ke liye Google webmaster tool Yaani ke Google Search Console ka Istemal (Use) Kiya Jata Hai. Ye Kaise Hota hai dekhiye,Google Search Console Ya Google Webmaster Tool, Google ki website hai jisme Blogs and Websites ko add karke Unhe Verify kiya jata hai Or Verify Hone Ke Baad Aapka Blog ya Website  ka Sitemap Submit kiya jata hai. Sitemap ek Code hota hai, ''xml'' format ka jise Webmaster Tool Me Add kiya Jata Hai. Or Add karne ke kuch time Baad se Aapka Blog Ya Website Google Search Results me Show Hone Lagta Hai. Iss Post me, Blog ya website ko Google Search Console par Kaise Verify Kare , aapko Bata Raha Hu.

Google Search Console Par Blog ko Kaise Verify Kare
                           To Start Karne se Pehle Ek Baat Btana Chahunga ke, Google ki Jitni Bhi websites Hai Ya Software/products hai Unhe Access (Istemal) Karne Ke Liye aapko alag se Koi  New Account Banane ki koi Jarurat nhi Hai Aap Apne 1 Gmail account se un sabhi ko access Kar Sakte Hai, 


  • Sabse Pehle Aap Google Search Console ki website Par Jaye Uske Bad Apne Gmail Account Se Sign in Kare.
  • Sign-In Karne Ke Baad , Aap dekhenge ke Right-Top side me ''Add a Property''  ka Button Hai red color ka uspe Click kare. Iske Baad Aapke Saamne ek Pop-Up Bar Dikhega Usme Aapko Apne Blog Ka ''Url'' Add Karna Hai or Uske Baad Neeche Continue ka Button hoga uspe Click Karde.
  • continue pe Click karne ke Baad , Agle step me aapko Verification methods Option dikhenge, Jaise ''Recommended method'' | ''Alternate methods'' to aapko 2nd Wale, i.e. Alternate methods  Pe Click karna Hai.To Jab aap ispe click karenge, to aapko neeche html tag ka option dikhega to aapko ek code dikhega , to is code ko copy karke apne blog Ke Template me <Head> section ke neeche paste karna hai.

Pehle To aap Code ko waha se copy karle uske baad Apne Blogger Dashboard me Template me jaaye.
Dashboard>>Template>>Edit html 
Ab ''Ctrl+f" Dabake <head> code ko search kare. Uske Baad is code ko uske neeche Paste Karde or Save Template Pe click karde. Google Verification code aapke blog me Add ho chuka hai. 



ab apko Google Search console , jaha se aapne code liya tha uske neeche last me Verify ka button hai Uspe click krde aapka blog verify ho jayga.
log/Website Ko Verify kyu Karna Padta Hai ?
Verify Isliye Karna Padta hai kyuki agar ham verify nhi karenge to hamara blog search me nhi aayga or aage bhi ek process hoti hai wo mai aapko next post me Btaunga.

Follow me ➤ techdinesh06

Google Search Console क्या है? Blog के Post को कैसे Search पर लाये - techdinesh06

Google Search Console क्या है? Blog के Post को कैसे Search पर लाये 


Google Search Console एक Tool है जिसे हम Webmaster के नाम से भी जानते है. यह tool Bloggers को Developers और SEO Experts को website Monitor और Manage करने में मदद करता है। Google Search Console एक बहुत ही अच्छा tool है जिसमे आपकी useful features मिलते है जो आपको direct search engine से data provide करते है की आपकी website Google के search Engine में किस तरह Perform कर रही है और इस data की मदद से Websites को manage करना बहुत ही आसान हो जाता है।

Google Search Console क्या है?
                                                                                 Google Search Console एक तरह से एक Communication Tool है जिसकी मदद से google आपसे Direct संपर्क करता है और आपको आपकी site के बारे में जरूरी जानकारी देता है जैसे की। आपकी Website Google पर किस प्रकार rank कर रही है। यह tool आपको बताता है की google के search engine को आपकी website या Blog को google में index करने में क्या Issues या errors आ रहे है और आप उनको कैसे ठीक कर सकते है। यह tool आपको बताता है की आपकी website google में क्यों Rank नही हो रही, यह आपको Google के द्वारा Penalize की गई Site की भी जानकारी देता है।
आप इस tool की मदद से अपनी Site के Errors & issues को fix करके अपने updates के बारे में google को बात सकते है ।

Google Search Console Me Khash Kya hai
                                                                                                          Google Search Console एक webmaster के लिए एक ऐसा software है जो आपको अपनी Website को Control करने के features देता है ताकि आप अपने blog को Google में सही तरह से Rank कर सकते।
SEO के Point Of View से देखे तो search console एक Premium tool है। क्योंकि इसके बिना अपने ब्लॉग की SEO करना मतलब अंधेरे में तीर चलने जिस है। क्योंकि जो भी SEO technique हम use करते है उसका हमारी Website or blog पर क्या effect पड़ रहा है यह सिर्फ केवल Webmaster Tool (Google Search Console) है बाता सकता है।

Google Search Console Sitemap Kya Hai
                                                                                                       Google Search Console कई सारे Features से भर है जिसमे आपको Sitemap Index जैसे Features मिलते है जो आपको अपनी website के सभी pages, post, category,tags को google के search engine में index करने की permission देते है।
आप चाहे तो यह काम Automatically भी कर सकते है अपने Blog का Sitemap Search Console में Submit करके।

Google Search Console Overview Kya Hai
                                                                                                       Google Webmaster tool (search console) के features में से एक Overview है। Search Console के Dashboard में आप Overview की मदद से अपनी Website की Google search engine में Performance देख सकते है।
जहा आपको Search Result, Mobile usability reports, Click thorough tracking जैसे जानकारी मिलती है जो आपको साफ साफ दिखती है की आपकी website किस keyword पर rank कर रही है।
अगर आप एक Website या Blog चला रहे है तो आपको इस webmaster Tool (google search Console) की कीमत को समझना चाहिए होने को तो यह एक Free Tool है लेकिन अगर आप इसका उपयोग सही तरह से करते है तो यह आपके blog को rank होने में आपकी मदद करेगा।

Google Search Console Tool ka use kaise kare
                                                                                                           Google के Webmaster Tool (search Console) का use करने के लिए आपको अपनी Website या blog का URl, sitemap सर्च कंसोल में add करना होगा तब जाकर आप इसका उपयोग कर पायंगे

Follow me ➤ techdinesh06

Monday, 10 February 2020

IP Address Kya Hota Hai??? क्या है PC & Phone IPV4-IPV6 कैसे पता करे - techdinesh06

IP Address Kya Hota Hai??? क्या है PC & Phone IPV4-IPV6 कैसे पता करे - techdinesh06


techdinesh06
नमस्कार दोस्तों! आपमें से लगभग सभी लोगों ने कभी-न-कभी IP Address का नाम सुना ही होगा, लेकिन क्या आपको पता है कि IP Address Kya Hota Hai???
इसके नाम से ही पता चल रहा है कि यह किसी तरह का एड्रेस यानि पता है. तो आज मैं आपसे इसी विषय पर बात करने जा रहा हूँ कि आई.पी एड्रेस क्या होता है? यह कितने प्रकार का होता है और इसका इस्तेमाल कहाँ होता है?

IP Address क्या है 
                                              फ्रेंड्स, सबसे पहले IP Address Full Form की बात करूँ तो इसका पूरा नाम Internet Protocol Address है. जैसा कि नाम से ही मालूम चल जाता है कि यह एक प्रकार का एड्रेस होता है.
हालाँकि बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो कंप्यूटर का दिन-रात इस्तेमाल तो करते हैं लेकिन उन्हें पता ही नहीं हा कि IP Address Kya Hota Hai? वैसे IP Address को इन्टरनेट का पासपोर्ट भी कहा जाता है.
सामान्य यूजर को इसके बारे में जानना कोई जरुरी बात नहीं है लेकिन एक smart user को इस तकनीक के बारे में पता होना ही चाहिए.

IP Address Kya Hota Hai???
                                                                     आई.पी एड्रेस एक प्रकार का एक ऐसा लिंक होता है जिससे हम किसी भी device को इन्टरनेट से कनेक्ट करवाते हैं. IP Address एक प्रकार का एक unique address होता है जिससे किसी device को आसानी से पहचाना जा सकता है.
आई. पी. एड्रेस 32 Bit के Binary Digit से बनता है, जिसे याद रख पाना बहुत मुश्किल होता है, इसलिए इसे चार भागों में बाँटकर दशमलव लगा कर सरल किया जाता है. IP Address के हर भाग में 0 से लेकर 255 अंकों तक की संख्याएं हो सकती है, उदाहरण के लिए 191.212.201.104

Use of IP Address Kya Hai
                                                                     अगर हम यह समझने की कोशिश करें कि आखिर IP Address का इस्तेमाल क्यों किया जाता है तो आप इतना जान लीजिए कि जैसे किसी भी घर की पहचान होती है यानि उसकी एक लोकेशन होती है, उसी तरह नेटवर्क में भी अलग-अलग device को पहचानने के लिए IP Address का इस्तेमाल किया जाता है.
इसी IP Address के माध्यम से हम डाटा को दुनिया में कहीं भी एक device से दूसरी device में भेज पाते हैं. आप जब भी अपने कंप्यूटर या स्मार्टफ़ोन में इन्टरनेट चलाते हैं, तो आपका भी एक IP Address होता है. अब हम बात करते हैं कि IP Address Kitne Prakaar ke Hote Hai?

Types of IP Address (चार प्रकार के होते हैं)

  • Public IP Address
  • Private IP Address
  • Static IP Address
  • Dynamic IP Address

Apna IP Address Kaise Pata Kare
                                                                                    आई. पी. एड्रेस क्या होता है? यह जानने के बाद अब आपके मन में एक सवाल जरुर होगा कि हमारे कंप्यूटर का IP Address Kya Hai? और Apna IP Address Kaise Jane?
इसके लिए सबसे पहले आप अपने कंप्यूटर की Start Menu में जाकर Run Dialog Box ओपन करें. इसके लिए आप कीबोर्ड पर Windows Key + R भी प्रेस कर सकते हैं.
अब आपको cmd या command टाइप कर ओपन कर लेना है.
Command Prompt खुलने के बाद आपको “IPconfig” टाइप कर Enter प्रेस करना है.
अब आपके सामने आपके कंप्यूटर का IP Address आ जाएगा.
कुछ इस तरह आप अपने कंप्यूटर का आई. पी. एड्रेस पता कर सकते हैं

ipv4 aur ipv6 ke beech antar kya hai

IPv4

  • यह 32 का IP address होता            
  • इसकों Decimal में लिखा जाता है          
  •  इसमें Fragmentation Sender और तथा forwarding router दोनों के द्वारा की जाती है            
  •  इसकी सुरुआत 1981  में हुयी थी                     

IPv6
  • यह 128 का IP address होता
  • इसकों Hexadecimal में लिखा जाता है
  • इसमें Fragmentation केवल Sender के द्वारा की जाती.
  • इसकी सुरुआत 1999  में हुयी थी

                 Follow me ➤ techdinesh06

Adsense kya hai???Google Adsense kaam kaise karta hai? Adsense approval kaise le.....

Adsense kya hai???Google Adsense kaam kaise karta hai? Adsense approval kaise le.....











Hello friends, Agar aap online work karte hai to aapko pata hi hoga Google adsense kya hai aur kaise kaam karta hai. Ho sakta hai bhut se aese bhi log ho jo online work to kar rahe hai lekin abhi tak unhe iske baare me jankari nahi hai.
Aaj is post me hum aapko yahi batane wale hai Google adsense kya hai (Google adsense in Hindi), kaise kaam karta hai aur agar aapka website ya blog hai to aap isse paise kaise kama sakte hai.
Basically, Google adsense ek advertisement network ka kaam karta hai. Jiske jariye aap apne blog/website par ads dikha kar paise kama sakte hai. To chaliye detail me jante hai Adsense kya hai 
AdSense Google ka hi ek program hai. Jinka blog ya website hai wo log publisher kehlate hai aur adsense ke is program ke dwara wo apne blog/website par ads show karke online earning kar sakte hai.

Chaliye jante hai kaise.

Isme 3 cheezo ka important role hota hai.
  • Publisher:- Jinka blog ya website hai.
  •  Advertiser:- Jo log apne product ya service ki ads chalana chahte hai.
  •  Advertisement network:- Jahan log apne product ke ads show karne aur apne website par ads dikhane ke liye judte hai.
 Adsense kya hai???
                                                    Basically, Adsense ek advertisement network hai. Jo Google dwara banaya gaya hai. Jahan publisher ki website/blog par ads dikhaye jate hai. Jisse advertiser ke product ya phir service ka promotion ho sake.
Is service ke liye Google advertiser se paise leta hai. Aur kuch percentage apne pass rakhta hai baki ke paise publisher yani jiski website/blog par ads dikhaye gaye hai unko deta hai.
Jisse publisher ki online earning hoti hai. Adsense se earning karne ke liye sabse pehle aapka account Google adsense se approved hona jaruri hai.
Adsense approval lene ke liye aapke pass ek website/ blog hona chahiye ya phir agar aapka Youtube channel hai to aap usse bhi Adsense connect kar sakte hai.
Waise to market me bhut saare Advertisement network available hai. Lekin Adsense sabse jyada popular aur trustable network hai. Aaj jyadatar log blogging karke adsense se acha khasa paise kama rahe hai.

 Adsense se aap 2 tarike se income kar sakte hai.

        ➤ Click:- Ye aapke ads par kitne click hue hai uspar depend karta hai.
        ➤ Impression:- Ye aapke blog par kitne ads dekhe gaye uske hisab se paise deta hai. Daily               1000 views ke $1 ke around paise deta hai.

                Aap yahan apni marji ke hisab se website me jahan ads dikhana chahte hai wahan dikha sakte hai. Yahan aap images, videos, auto ads ka bhi use karke apni choice ke according ads dikha sakte hai. Jyada visitor hone par aap jyada earning kar sakte hai.

 Note:-

  • Agar aap ek publisher hai to aapko Adsense par account banane hoga.
  • Aur agar aap ek Advertiser hai to aapko Google AdWords par account create karna hoga.
Google Adsense kaam kaise karta hai
                                                                                                  Agar aap Youtube chalate hai to aapne dekha hoga bhut si videos ke beech me aapko kuch Ads dikhti hai to woh kya hai. Woh Google Adsense ki h ads hoti hai.
Aapko is blog me bhi kuch Ads dikh rahe honge to ye bhi Adsense ke hi ads hai.
Hota kya hai agar aapka blog ek technology ya phir health topic par hai. To aapke blog/website par usse hi related ads dikhaye jaynge. Youtube videos ke beech me aapko woh ads dikhaye jate hai jis cheez ke baare me aap jyada videos dekhte hai.
Aapka interest jis cheez me jyada hai usse related Ads aapko dekhne ko milengi. Us product ya service ko lene ke chances jyada badh jaynge. Kyonki us particular product me aapka interest hoga.
Interest hone par visitor ke Ads par click karne ke chances jyada honge. Aur usi hisab se Adsense per click aapko commission dega. CPC (Cost per click) ke hisab se aapko 68% dega baaki ka 32% khud rakhega.

 Google Adsense se kitni earning ki ja sakti hai
                                                                                              Sabhi logo ke mann me ye khayal jarur aata hai ke Adsense se kitni earning ki ja sakti hai. Koi limit hai ya nahi hai. To hum aapko bata dete hai Adsense se aap kitna bhi kama sakte hai ye totally aap par depend karta hai.
Jitne jyada visitors aapki website par lage Ads ko click karenge utna jyada paisa aap kama sakte hai. Ab aesa nhi h ke aap apne khud ke Ads ko jake click kare ya apne family member se karwaye.
Agar aap aesa koi kaam karte hai to Google aapka adsense account close kar dega. Kyonki ye natural traffic nahi hoga iske liye aap Adsense policy ko dhyan se padhe.

 Ye kuch important points par depend karta hai jaise ki:-
  •  Aapki website/blog kis topic par hai.
  • Aapke blog par kitna traffic aata hai.
  • Kis country se traffic aata hai.
  • Kitne high paying keywords ka use aapne kiya hai.
  • Ads kis tarah se place ki gayi hai.
Google Adsense se payment kaise Milti hai
                                                                                                     Adsense account approved hone ke bad jab aapke account me 10 dollar ho jate hai. To Google aapke dwara diye gaye address par ek PIN code bhejta hai. Jisse ye verify ho jaye ke ye aapka hi account hai.
10 dollar complete ho jane ke bad aapke adsense account me Bank add karne ka option aata hai. Apni bank details aap add karte hai.
Aur jab aapke account me 100 dollar complete ho jate hai to woh aapke Bank account me transfer kar diye jate hai.
Minimum 100 dollar hone ke bad hi aap adsense se payment le sakte hai.

Google Adsense Account Kaise Banaye
 
techdinesh06
Adsense par account banane ke liye aap neeche diye gaye simple Pointo ko follow kijiye.

  •   Sabse pehle apne browser me adsense.com open kijiye.
  •  Uske bad “Sign Up Now” par click kare.
     Gmail account nahi hai to iske liye hamari post read kare Gmail id kaise banaye.
  •  Aapke samne jo page open hua hai wahan sabhi details sahi tarike se fill kare.
                                          Your Website
                      (Apne website/blog ka URL enter kare)
                                    Your Email Address
                              (Apni Email id enter kare)
Get helpful AdSense info at that email address
Yes ke samne bane check box par click karke “Save And Continue” par click kare.
  • Next page par aap Country select kare yad rahe country ekdum sahi select karni hai.
  Uske bad neeche Terms & conditions di gayi hai.
“Yes, I have read and accept the agreement” ke samne bane check box par click karke “Create               Account” par click kare.

Adsense kya hai account banane ke easy point
 
  • Next page par aapko other details fill karne ke liye kaha jayega. Puchi gayi sabhi details sahi tarike se fill kare.
1. Account type (Agar aapki website ya blog hai to individual select kare).
2. Name and address (Apna name aur address fill kare).

Details fill karne ke bad “Submit” par click kare.
  • Aapka adsense account ban chuka hai. Ab aapke samne ek code aayega use copy karne ke bad apne blog/website ke head section me paste kare.
WordPress user iske liye “Header and Footer” ka plugin use karke aasani se code insert kar sakte hai.
Ab Adsense team aapki application ko review karegi. Isme 2-3 ya phir 10 days ka bhi time lag sakta hai. Tab tak aap wait kare.
Application approved hone ke bad aapke Gmail account par confirmation mail bheji jayegi. Account approved ho jane ke bad aap apne website/blog me Ads laga sakte hai.
Agar aapka account reject ho jata hai to aap adsense dwara batayi gayi mistakes ko thik karke again apply kar sakte hai.
Google Adsense ke baare me aksar puche jaane wale sawal

Google adsense account kon bana sakta hai
                                                                                                        Jo log internet se paisa kamana chahte hai jinke pas khud ka blog/website ya phir Youtube channel hai woh log adsense account bana sakte hai.

 Kya Adsense account banane ke paise lagte hai?
 Ji nahi, Iske liye aapko kisi bhi tarah ka koi charge nahi dena padta. Ye bilkul free hai.

Adsense account ke liye kab apply kare
 Adsense account apply karne se pehle neeche diye gaye points ko dhyan rakhe.

  • Aapke blog me sabhi jaruri pages hone chahiye jaise About, Contact us, Privacy policy, Terms & conditions, Disclaimer.
  •  Minimum 25 post 1000 words ki unique likhi ho.
  • Thoda bhut Organic Traffic aata ho website par. (Minimum 100 Page views daily).
  • Blog/website ko Google search console aur Analytics se jarur connect kare.
  • Website responsive honi chahiye (Kisi bhi device me easily open ho jaaye).
Google Adsense ka approval milne me kitna time lagta hai.
                                                                                               Ye fix nahi hai, Apply karne ke bad 48 hours ke andar bhi aapko approval mil sakta hai aur 10 days tak ka bhi time lag sakta hai.

thanks for learning 


Follow me ➤ techdinesh06

Saturday, 8 February 2020

PopAds क्या है??? PpoAds से पैसे कैसे कमाए जाने हिंदी में | - techdinesh06

PopAds क्या है??? PpoAds से पैसे कैसे कमाए जाने हिंदी में | - techdinesh06

                                 
                                                                                                                        












 Hello friends Technology आज का टाइम बहुत ही स्मार्ट होता जा  रहा है और इसमें सभी अपनी जॉब के साथ कुच्छ एक्सट्रा पैसा कामना चाहते है लेकिन जब बात जब ऑनलाइन पैसे कमाने की होती है तो हुमारे दिमाग़ में सब से पहले ब्लॉग, यौतूबे , वेबसाइट से पैसे कमाने के बारे में सोचने के लिए मजबूर हो जाते है और हो भी क्यू न्ही... क्यू के यही एक सिंपल तरीका है ऑनलाइन पैसे कमाने का, लेकिन इश् में ये नही है के आज आप ने ब्लॉग या वेबसाइट या यौतूबे चॅनेल बनाया और इनकम स्टार्ट हो जाए.

सेकेंड, अगर आप ऑनलाइन पैसे कमाने के बारे में सोच रहे है तो आप को कंप्यूटर और अदर बेसिक चीज़ो का नालेज होना चाहिए तभी आप इंटरनेट की हेल्प से कुकछ पैसे कमा सकते है. यहा पर मैने कुकछ वर्ड का इश्लीए उसे किया है क्यू की ऑनलाइन पैसे कमाने के लिए आप को तोड़ा वेट करना पड़ेगा.. चीज़ो को समझना होगा. साथ अगर आप ऑनलाइन पैसे कमाने के बारे में सोच रहे है तो आप को ये भी पता होना चाहिए की इंटरनेट की दुनिया में लोगो के साथ धोखा भी बहुत जल्दी होता है क्यू के काई बार हम ऐसी अड्वर्टाइज़िंग कंपनी से जुड़ जाते है जो फेक होती और आप को कुकछ पे न्ही करती है सो इश् सिचुयेशन आप क्या करेंगे ? यक़ीनन आप यही सोचेंगे की न्ही यार ये काम अपने बस का न्ही है लेकिन ऐसा न्ही है.

इंटरनेट से ऑनलाइन पैसे कमाने के लिए आप को इन्ही चीज़ो के बारे में जानना सब से ज़रूरी है की अगर आप कोई ब्लॉग या वेबसाइट स्टार्ट  कर रहे है और उसका टारगेट है सिर्फ़ आप के लिए पैसा कामना तो इश् कंडीशन में आप के लिए ज़रूरी हो जाता है के आप एक ट्रस्टेड आड़ नेटवर्क को सेलेक्ट करे जो रिलाइयबल हो और आप को टाइम तो टाइम पे करे.
ब्लॉगगेर्स जो इन्स्टेंट ऑनलाइन पैसे कामना चाहते है ये पोस्ट उन्ही के लिए है क्यू की जिस आड़ नेटवर्क के बारे मई आज यहा पर बताने जेया रहा हू उशके लिए आप को किसी स्पेशल रिक्वाइर्मेंट की ज़रूरत न्ही है आप को सिर्फ़ ब्लॉग या वेबसाइट बनाना और इश् आड़ नेटवर्क पर अप्लाइ करना और उशके बाद कुच्छ सिंपल स्टेप्स को फॉलो कर आप इन्स्टेंट ऑनलाइन पैसा कमा सकते है लेकिन याद रखे अच्छी इनकम करने के लिए आप को तोड़ा वेट तो करना ही पड़ेगा सो चलिए आज इश् आड़ नेटवर्क के बारे में आप स्टेप बाइ स्टेप जाने और फिर डिसाइड करे की क्या ये आप के ब्लॉग नीचे के फिट है ? क्या आप रियल में इश् आड़ नेटवर्क का उसे कर पैसे कमा सकते है या न्ही ?

                                           मैने देखा है के बहुत से न्यू ब्लॉगगेर अपने ब्लॉग या वेबसाइट से पैसे कमाने के लिए सिर्फ़ एक ही आड़ नेटवर्क पर ज़्यादा डिपेंड हो जाते है और जब उनके साथ चीटिंग होती है तो फिर सभी आड़ नेटवर्क्स को फेक समझने लग जाते है सो सब से पहले मई आप सभी से यही कहना चाहूँगा के आप एक ही आड़ नेटवर्क पर डिपेंड ना रहे. सेकेंड, आप को अदर आड़ नेटवर्क भी ट्राइ करते रहने चाहिए. सो आज हम जिस आड़ नेत्ओोर के बारे में बात करने जा रहे है वो बहुत ही पॉपुलर और ट्रस्टेड आड़ नेटवर्क है और आप इसके पब्लिशर बन के अच्छी इनकम कर सकते है.
पोपड़स एक एकपम आड़ नेटवर्क है जो हर पेज के अकॉरडिंग पे करता है यानी अगर आप अपने ब्लॉग पर पोपड़स के आड़ लगते है तो आप की कमाई पेज व्यूस से होगी यानी जितना ज़्यादा आप के ब्लॉग ट्रॅफिक होगा उतनी ही ज़्यादा आप की अर्निंग होगी. यही खूबी इश् आड़ नेटवर्क को बहुत ही पॉपुलर बनाती है

How To Join PopAds Ad Network
                                                                                       Popads ad network को जाय्न करना बिल्कुल ईज़ी है आप को सिर्फ़ वेबसाइट पर जेया के साइन उप करना है और आप का पोपड़स अकाउंट 120 सेकेंड्स में आप का अकाउंट बन कर रेडी हो जाएगा इशके बाद आप को अपने ब्लॉग पर पोपड़स से आड़ ब्नके अपने ब्लॉग पर ल्गा सकते है जिस से आप को अर्निंग मिलनी स्टार्ट हो जाएगी.
How To Get Approval From Popads
                                                                                          Popads पर अकाउंट ब्नाने के बाद ह्यूम कूच और स्टेप्स को फॉलो करना पड़ेगा जो बहुत ज़रूरी है और अदर आड़ नेटवर्क की तरह ह्यूम अपने ब्लॉग को उष नेटवर्क मे रिव्यू & अप्रूवल के सब्मिट करना होता है जिसके आड़ उसे कर हम कूच एक्सट्रा इनकम करना चाहते है. लेकिन कुच्छ आड़ नेटवर्क ऐसे भी जो सिंपल और आसानी से अप्रूवल प्रोविडेकर देते है लेकिन कुच्छ आड़ नेटवर्क ऐसे भी है जो आसानी से अप्रूवल न्ही देते है जैसे की मीडीया.नेट ओर आदसेँसे.
लेकिन पोपड़स के साथ में ऐसा बिल्कुल भी न्ही है इश् आड़ नेटवर्क पर साइन उप प्रोसेस कंप्लीट करने के बाद आप को अपना ब्लॉग या वेबसाइट अप्रूवल के लिए सब्मिट करना होगा और उसके बाद आप को आसानी से अप्रूवल मिल जाएगा इसके लिए आप को आदसेँसे या मीडीया.नेट की तरह को स्पेशल रिक्वाइर्मेंट कंप्लीट न्ही करनी होती है. और पोपड़स का वेबसाइट या ब्लॉग अप्रूवल बहुत ही फास्ट होता है कहे का मतलब आप को सिर्फ़ फ़ॉर्मुलथिएस कंप्लीट करनी होगी और आप ब्लॉग से ऑनलाइन पैसे कमाने के लिए बिल्कुल रेडी हो जाएँगे.
खास बात ये है की पोपड़स आड़ नेटवर्क ब्लॉग से पैसे कमाने का एक बेहतरीन सोर्स है क्यू के इश् आड़ नेटवर्क पर साइन उप और अप्रूवल के लिए आप को डोमेन नामे भी न्ही करीड़ना होगा और ये भी इश् आड़ नेटवर्क के पॉप्युलॅरिटी की एक बड़ी वजह है.
                                                                  कहना बहुत ही मुस्किल है की आप को इतने पागेविएवस पर इतनी इनकम हो जाएगी क्यू के अदर आड़ नेटवर्क की इश् आड़ नेटवर्क से पैसे कमाने के लिए भी आप के पास यूके या यूयेसे के ट्रॅफिक का होना बहुत ही ज़रूरी है अगर आप अक्च्ची इनकम जेनरेट करना चाहते है. क्यू इन कंट्रीज़ में ऑनलाइन शॉपिंग सब से ज़्यादा होती है सो यहा से आप को इश् आड़ नेटवर्क से अक्चा बेनेफिट मिलेगा.
अगर आप के ब्लॉग का मोस्ट ऑफ ट्रॅफिक सोर्स एशियन कंट्रीज़ है तो भी आप आक्ची इनकम कर सकते है लेकिन सार्ट ये है के आप के ब्लॉग पर अक्चा ट्रॅफिक होना चाहिए और आप $1/1000 पागेविएवस से कमा सकते है लेकिन फिर भी मई यही कहूँगा के ये भी बहुत कॅम है क्यू के अगर आप को यही पागेविएवस एऊरोपिओं कंट्रीज़ से मिलेंगे तो अर्निंग $5-7 होगी सो इश्का सीधा सा मीन आप समझ सकते है.

How To Get Payment
                                                        पेमेंट को लेकर बहुत आड़ नेटवर्क फ्रौद करते है और हम हर दिन किसी ना किसी ब्लॉग पर फ्रौद आड़ नेटवर्क के बारे में ज़रूर पढ़ते है की वो टाइम तो टाइम पब्लिशर्स को पेमेंट न्ही करते है. बुत पोपड़स के साथ ऐसा बिल्कुल भी नही है.
पोपड़स से पेमेंट लेने के लिए आप के पोपड़ पब्लिशर अकाउंट में मिनिमम $5 अर्निंग होनी ज़रूरी है और उसके बाद आप अपना पेमेंट पेपल से कलेक्ट कर सकते है इशके अलावा भी पोपड़स पेयौट ऑप्षन अवेलबल करवाता है जैसे की डाइरेक्ट बॅंक एसी में पैसे त्रास्फेर करना लेकिन उनमें मिनिमम पेयौट ज़्यादा सो आप के लिए पयपाल ही सब से बेस्ट रहेगा. सब से खास बात ये टाइम तो टाइम पे करते है सो इश् पॉइंट ऑफ व्यू से भी बहुत से ब्लॉगगेर इश् आड़ नेटवर्क से काई सालो से जुड़े हुए है.

                                                       #techdinesh06

Thursday, 6 February 2020

Windows Defender क्या है??? Windows Defender Turn On कैसे करें ...

Windows Defender क्या है??? Windows Defender Turn On कैसे करें। 

अपने कंप्यूटर और लैपटॉप जैसे डिवाइस में बहुत सारा डाटा सेव कर के रखते हैं.हम नहीं चाहेंगें की कोई हमारे डाटा को चोरी करे या फिर कोई हमारे कंप्यूटर को ख़राब कर के हमारे डाटा को बर्बाद कर दें.इन्टरनेट की दुनिया में ऐसे बहुत सारे यूजर हैं जिन्हें हम हैकर के नाम से जानते हैं ये दुसरे यूजर के कंप्यूटर को कुछ खास प्रोग्राम जिन्हें वायरस कहा जाता है के मदद से हैक कर लेते हैं और कंप्यूटर में सेव जानकारियों को चुरा लेते हैं.काई बार चोरी किये गए डाटा का गलत उपयोग भी किया जाता है.ऐसी समस्या से बचने के लिए एंटीवायरस सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाता है.

वायरस किसे कहते हैं और इनका काम क्या है
                                                                                        कुछ साल पहले तक इंटरनेट का उपयोग बहुत कम होता था लेकिन आज के समय में दुनिया भर में इन्टरनेट का उपयोग बहुत अधिक किया जाने वाला है.पहले के मुकाबले आक कल के वायरस बहुत अधिक खतरनाक होते हैं और ये दिन प्रतिदिन खतरनाक होते ही जा रहे हैं.यहाँ मै आप को बता दूँ की वायरस कई तरह के होते हैं इन्हें अलग अलग काम करने के लिए बनाया गया होता है,जैसें कुछ वायरस सिर्फ कंप्यूटर को हैक कर के उसमे सेव डाटा को देखने और पढने के लिए होते हैं ऐसे वायरस कंप्यूटर पर होने वाली गतिविधियों पर नज़र रखते हैं.जब की कुछ वायरस कंप्यूटर में सेव डाटा को खराब करने के लिए होते हैं और कुछ वायरस ऐसे भी होते हैं जो कि पूरे कंप्यूटर डाटा को लॉक करने के बाद उसे अनलॉक करने के बदले फिरौती या एक निचित रकम मांगते हैं.ऐसे में देखा जाये तो इन वायरस से बचाव करना बहुत ज़रूरी होता है.

एंटीवायरस सॉफ्टवेयर Windows Defender
                                                                                आज दुनिया भर के कंप्यूटर यूजर अपने कंप्यूटर को सुरक्षित रखने के लिए avast जैसे कुछ बेस्ट एंटीवायरस सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हैं.अच्छा एंटीवायरस सॉफ्टवेयर फ्री में उपलब्ध नहीं होता है और जो फ्री में उपलब्ध होता है वो उतना कारगर नहीं होता है.एक अच्छे एंटीवायरस सॉफ्टवेयर के लिए यूजर को सालाना एक निशित शुल्क देना पड़ता है.
दुनिया की सबसे बड़ी कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम निर्माता कम्पनी माइक्रोसॉफ्ट ने यूजर के परेशानी को देखते हुवे अपने नए window 10 में built-in real-time antivirus जिसका नाम है Windows Defender दिया है.यानी अगर आप के पास window 10 opreting system पर चलने वाला कंप्यूटर है तो आप को अलग से एंटीवायरस सॉफ्टवेयर खरीदने और इंस्टाल करने की ज़रूरत नहीं है.Windows Defender को एक तरह से antivirus total security भी कह सकते हैं.

अपने कंप्यूटर में window defender को एक्टिवेट करने के लिए सबसे पहले कण्ट्रोल पैनल को खोलना है और उसके बाद विंडो डिफेंडर को खोलना है.


                  जैसे ही आप window defender को क्लिक करेंगें आप के डेस्कटॉप पर window defender ओपन हो जायेगा.यहाँ आप को Turn on लिखा एक लाल रंग का बटन नज़र उसको क्लिक करें.जैसे ही आप Turn on बटन को क्लिक करेंगें आप के कंप्यूटर में window defender activate हो जायेगा.एक्टिवेट करने के बाद आप इसी window में ऊपर नज़र आ रहे Update बटन को दबा कर इसको अपडेट कर लें.

जब अपडेट हो जाये तो एक बार आप इस एंटीवायरस सॉफ्टवेयर के मदद से अपने कंप्यूटर को full scan कर लें.कंप्यूटर स्कैन करने के लिए आप को यहाँ तीन विकल्प मिलेंगें.
  • Quick
  • Full
  • Custom
Quick Scan
                               अगर आप इस विकल्प का प्रोयोग करेंगें तो window defender आप के कंप्यूटर के कुछ ज़रूरी और रूट फाइल्स को स्कैन करेगा और ये सुनिश्चित करेगा की इनमे कोई वाइरस तो नहीं है या कोई और दुसरे हानिकारक प्रोग्राम तो नहीं है.इस विकल्प में कंप्यूटर का c drive ही स्कैन होता है क्यों की कंप्यूटर के सबसे महत्वपूर्ण files और folders इसी ड्राइव में होते हैं.ऑपरेटिंग सिस्टम के फाइल भी इसी ड्राइव में होते हैं.

Full Scan
                            जब आप इस आप्शन को सेलेक्ट करेंगें तो window defender आप के कंप्यूटर में सेव हर तरह के फाइल और फोल्डर को स्कैन करता है.इस प्रक्रिया में समय भी बहुत लगता है.हालाँकि इस प्रक्रिया में लगने वाला समय आप के कंप्यूटर में सेव डाटा के साइज़ पर निर्भर करता है.इस आप्शन में कंप्यूटर के सारे ड्राइव को स्कैन किया जाता है और ये फिक्स किया जाता है की कंप्यूटर के किसी भी फाइल या फोल्डर में किसी तरह का कोई वाइरस न हो.

Custom Scan
                                   इस आप्शन का उपयोग यूजर द्वारा बहुत अधिक किया जाता है.इस आप्शन में आप के ऊपर ये निर्भर करता है की window defender किस फाइल या फोल्डर को स्कैन करे.इसका उपयोग यूजर pendrive या दुसरे से लिए गए डाटा को स्कैन करने के लिए करते हैं.अगर आप इन्टरनेट से अलग अलग तरह के डाटा डाउनलोड करते रहते हैं तो आप उन्हें एक ही फोल्डर में रखें और समय समय पर उस फोल्डर को कस्टम स्कैन करते रहें.इसके अलावा जब आप कोई चीज इन्टरनेट से अपने कंप्यूटर में डाउनलोड करते हैं तो उसको ओपन करने से पहले इसके द्वारा एक बार स्कैन कर लें.इस तरह आप के कंप्यूटर में इन्टरनेट के द्वारा कभी कोई वाइरस नहीं आएगा और आप का कंप्यूटर सुरक्षित रहेगा.

                                                       #techdinesh06

Wednesday, 5 February 2020

VPN क्या है? Kaise USE Kare VPN PHONE और PC....

VPN क्या है? Kaise USE Kare VPN PHONE और PC....

वर्तमान समय में अधिकतर व्यक्ति इंटरनेट का इस्तेमाल करके अलग-अलग चीजों को देख और इस्तेमाल कर सकते है जिसके लिए उन्हें अलग-अलग वेबसाइट की ज़रूरत पड़ती है लेकिन बहुत सी ऐसी वेबसाइट भी है जो लोगों को गलत तरीकों से गलत कंटेंट उपलब्ध करवाती है इस तरह की वेबसाइट को सरकार द्वारा ब्लॉक कर दिया जाता है तथा VPN Ka Istemal करके इन वेबसाइट को भी ओपन किया जा सकता है जिसके बारे में आज हम आपको बताने वाले है।
इसके अलावा भी बहुत से अन्य अच्छे और क़ानूनी कार्यों में भी VPN का उपयोग किया जाता है। बहुत सी बड़ी-बड़ी मल्टीनेशनल कम्पनियाँ हो या कोई छोटा बिज़नेस डाटा को सुरक्षित रखने में VPN का बहुत बड़ा योगदान होता है। अगर आप जानना चाहते है कि VPN क्या होता है, इसके लाभ तथा हानि क्या-क्या है और VPN Banane Ka Tarika क्या है।

VPN Kya Hai 
                                      VPN एक प्राइवेट नेटवर्क होता है जो उपयोगकर्ता को नेटवर्क का उपयोग करने की अनुमति देता है। इसके लिए नेटवर्क कंपनी आपको एक “IP Address”,“User Name” और “Password” उपलब्ध कराती है, जिससे आप कही पर भी इस नेटवर्क का उपयोग कर सकते है। VPN एक सुरक्षित नेटवर्क है और इस सेवा का उपयोग ज्यादातर बड़ी कंपनियों द्वारा किया जाता है, जिससे की वे अपने महत्वपूर्ण डाटा को सुरक्षित रख सके। वैसे VPN सेवा का उपयोग कोई भी व्यक्ति कर सकता है, VPN हमारी “Real IP” को बदल कर “Fake IP” में परिवर्तित कर देता है। VPN का उपयोग आप अपने महत्वपूर्ण डाटा को सुरक्षित करने के लिए कर सकते है।

VPN KI FULL FORM – VIRTUAL PRIVATE NETWORK

VPN KA FULL FORM IN HINDI – आभासी निजी संजाल

VPN Kaise Use Kare
                                                        VPN Ka Istemal करने के लिए आप नीचे दर्शायी गयी विधियों की मदद ले सकते है। इन विधियों में कंप्यूटर तथा मोबाइल दोनों के लिए VPN Kaise Kaam Karta Hai, इसकी संपूर्ण जानकारी प्रदर्शित है:

Computer Me VPN Kaise Use Kare
कम्प्यूटर में VPN Banane Ka Tarika नीचे प्रदर्शित है, तो चलिए जानते है कंप्यूटर में VPN Ka Use Kaise Kare :

Step 1: Download Software
                                                                       इसके लिए आपको अपने कंप्यूटर या लैपटॉप में “Opera Developer Software” को इंस्टाल करना होगा, इसके लिए आप ओपेरा की वेबसाइट पर जाकर इसे डाउनलोड कर सकते है।

Step 2: Open The App And Click On Setting
                                                                                                              इंस्टाल करने के बाद एप्प को ओपन करे, अब इसमें आपको ऊपर की तरफ, “Menu” का ऑप्शन दिखेगा उस पर क्लिक करे और फिर “Setting” पर क्लिक करे।

Step 3: Click On Privacy And Security
                                                                                                सेटिंग में जाने के बाद आपको “Privacy And Security” पर क्लिक करना है,उसके बाद आपको VPN का ऑप्शन दिखाई देगा।

Step 4: Tick On Enable VPN
                                                                          VPN के ऑप्शन में Enable VPN पर टिक करे, टिक करने के बाद आपके ओपेरा ब्राउज़र में VPN सक्रिय हो जाएगा, जिसके बाद आप इस ब्राउज़र की सहायता से किसी भी ब्लॉक वेबसाइट तक पहुँच सकते है।

Step 5: On/Off VPN
                                                    अब आपको ब्राउज़र के URL के पास VPN लिखा हुआ दिखाई देगा, उसे क्लिक करके आप VPN को बंद या चालू कर सकते है, और इसकी सहायता से लोकेशन भी बदली जा सकती है।
क्या आपने यह पोस्ट पढ़ी: Google Account Me Recovery Email Add Kaise Kare? – गूगल अकाउंट में रिकवरी ईमेल और फोन नंबर जोड़ने का तरीका!

Mobile Me VPN Kaise Set Kare
                                                                                  अगर आप अपने मोबाइल में Setting Of VPN In Hindi में सीखना चाहते है तो यह बहुत ही आसान है, इसके लिए आप अपने मोबाइल के Playstore से VPN को डाउनलोड कर सकते है। इस App की मदद से आप आसानी से VPN उपयोग कर सकते है तो आइये जानते है कि आप अपने Mobile में कैसे VPN को Use कर सकते है:

Step 1 : Download The App
                                                                        सबसे पहले आप अपने मोबाइल में प्लेस्टोर से “Touch VPN App” को डाउनलोड करे, डाउनलोड करने के बाद इसे इंस्टाल करे।



Step 2 : Location
                                    इंस्टाल करने के बाद एप्प को ओपन करे, अब इसमें सबसे पहले “Location” सेट करे।

Step 3 : Click On Connect
                                                                     अब “Connect” पर क्लिक करे इस पर क्लिक करते ही आपके मोबाइल में VPN चालू हो जाएगा।
जरूर पढ़े: Incognito Mode Kya Hai? – क्रोम, यूट्यूब, यूसी ब्राउज़र, सफारी, ओपेरा, फायरफॉक्स में इन्कॉग्निटो मोड कैसे एक्टिव करे!

Google Chrome Me VPN Kaise Use Kare
                                                                                                            गूगल क्रोम में VPN का उपयोग करने के लिए नीचे दर्शायी गयी विधि की सहायता ली जा सकती है:

Step 1: Download Extension
                                                                         गूगल क्रोम में VPN का उपयोग करने के लिए सबसे पहले क्रोम को ओपन करके उसमें Google Chrome VPN Extension सर्च करे, फिर गूगल एक्सटेंशन पर जाकर “Add To Chrome” पर क्लिक करे।

Step 2: Click On Extension
                                                                       Add करने के बाद आपको एक पॉपअप दिखाई देगा जिसमे “Add Extension” के ऑप्शन पर क्लिक करे।

Step 3: Sidebar Icon
                                                      तीसरी स्टेप में आपको सबसे ऊपर राइट साइट में एड हो चुका VPN एक्सटेंशन दिखाई देगा, उस पर क्लिक करके भाषा का चयन करे।

Step 4: Sign Up And Use
                                                                  यदि आप पहली बार इसका उपयोग कर रहे है तो “Create New Account” पर क्लिक कर अपनी ईमेल आईडी और पासवर्ड को सब्मिट करें। इसके बाद आप VPN का आसानी से उपयोग कर सकते है।

VPN Kaam Kaise Karta Hai
                                                                            VPN का सबसे महत्वपूर्ण काम एक तरह से नेटवर्क को सुरक्षा प्रदान करना है, आप इंटरनेट पर जो भी कार्य कर रहे होते है उन्हें VPN सुरक्षित करता है, तथा आप VPN सेवा की मदद से ब्लॉक हो चुकी वेबसाइट को भी चालू कर सकते है। कुछ वेबसाइट ऐसी होती है जिन्हें आप अपने देश में Access नही कर सकते उन सभी वेबसाइट को भी आप VPN की मदद से आसानी से Access कर सकते है।

यदि आप इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे है और आपकी IP Address भारत की है एवं आप VPN का उपयोग करते है तो इसमें आप जिस भी देश का चयन करने के बाद इंटरनेट का उपयोग करते है तो आपका IP Address उसी देश का हो जायेगा जिसका आपने चयन किया है, इसके साथ ही VPN इंटरनेट पर आपकी पहचान को छिपा देता है।
                                     

                                                      #Dinesh

VPN Kaise Use Kare??? VPN Ke Fayde Aur Nuksan Kya Hai......

VPN Kaise Use Kare??? VPN Ke Fayde Aur Nuksan Kya हिंदी......




VPN Kaise Kaam Karta Hai 
                                                                          VPN का सबसे महत्वपूर्ण काम एक तरह से नेटवर्क को सुरक्षा प्रदान करना है, आप इंटरनेट पर जो भी कार्य कर रहे होते है उन्हें VPN सुरक्षित करता है, तथा आप VPN सेवा की मदद से ब्लॉक हो चुकी वेबसाइट को भी चालू कर सकते है। कुछ वेबसाइट ऐसी होती है जिन्हें आप अपने देश में Access नही कर सकते उन सभी वेबसाइट को भी आप VPN की मदद से आसानी से Access कर सकते है।
यदि आप इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे है और आपकी IP Address भारत की है एवं आप VPN का उपयोग करते है तो इसमें आप जिस भी देश का चयन करने के बाद इंटरनेट का उपयोग करते है तो आपका IP Address उसी देश का हो जायेगा जिसका आपने चयन किया है, इसके साथ ही VPN इंटरनेट पर आपकी पहचान को छिपा देता है।

VPN Ke Fayde
                                         VPN के फायदे तथा नुकसान दोनों ही है। सबसे पहले हम बात करते है VPN के फायदों की, आइये जानते है VPN Ke Fayde क्या-क्या है:


  • VPN की सहायता से कोई सी भी ब्लॉक वेबसाइट पुनः ओपन की जा सकती है।
  • VPN के द्वारा कंट्री की लोकेशन बदली जा सकती है जैसे चीन में फेसबुक पर प्रतिबंध है, परन्तु वहां के लोग VPN की सहायता से कंट्री की लोकेशन बदलकर फेसबुक का उपयोग कर सकते है।



VPN Ke Nuksan
                                          ऊपर हमने आपको VPN से होने वाले लाभों के बारे में बताया परन्तु इसके बहुत से नुकसान भी है, VPN से होने वाले नुकसान नीचे प्रदर्शित है:


  • बहुत से लोगों का मानना होता है कि VPN के उपयोग से किसी पर कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता है, परन्तु यह धारणा गलत है क्योंकि इसके उपयोग से आप स्वयं को पूर्णतः नहीं छुपा सकते तथा जिस कारण हमारा डाटा VPN सर्वर में सेव हो जाता है।
  • कई बार फ्री VPN हमारे डाटा का दुरुपयोग कर सकते है क्योंकि उनके पास हमारा संपूर्ण डाटा का एक्सेस होता है।
  • VPN का उपयोग करके हैकर्स बहुत बार अपनी पहचान को छुपा लेते है।
  • VPN, गूगल के साथ एक अन्य सर्वर को जोड़ देता है जिसे VPN सर्वर कहते है। इस अतिरिक्त सर्वर के जुड़ जाने से इंटरनेट की गति धीमी हो जाती है।


Type Of VPN 
                                     बिज़नेस में VPN की भूमिका को देखते हुए इसे मुख्यतः तीन भागों में विभाजित किया गया है, जो कि नीचे प्रदर्शित है:

Remote Access VPN
                                                       इस VPN के द्वारा कोई भी कर्मचारी अपने कार्य स्थल के कंप्यूटर नेटवर्क को किसी भी स्थान से Access कर सकता है। जब Remote Access VPN की सहायता से कोई भी होस्ट कनेक्ट किया जाता है तो VPN उसे लोकल कनेक्ट की तरह ही प्रेजेंट करती है।

Site To Site Or Intranet VPN
                                                                             इस VPN के माध्यम से कोई भी ऑर्गनाइजेशन अपने अलग-अलग ऑफ़िस को जोड़ सकता है। यह VPN किसी एक ऑफ़िस के रिसोर्स को अन्य ऑफ़िस के होस्ट पर उपलब्ध करवा देता है। Site To Site Or Intranet VPN अलग-अलग ऑफिस के कंप्यूटर को इंटरनेट के माध्यम से जोड़ता है।

Extranet VPN
                                         जब कोई ऑर्गनाइजेशन आपस में मिलकर कार्य करती है तो वह Extranet VPN का उपयोग करती है। इस प्रकार के VPN के माध्यम से कोई भी ऑर्गनाइजेशन अन्य किसी भी ऑर्गनाइजेशन जिसके साथ मिलकर वह कार्य करती है, उसे अपने रिसोर्सेस का लिमिटेड एक्सेस उपलब्ध करवाती है।

 सामान्यतः VPN का सर्वाधिक उपयोग IP Address को छुपाने के लिए किया जाता है, इसकी सहायता से आप किसी भी वेबसाइट को कहीं पर भी ओपन कर सकते है। उदाहरण के तौर पर जब हम गूगल पर कुछ भी सर्च करते है, तो हमे सिर्फ इंडिया की वेबसाइट दिखाई देती है। परन्तु यदि हम VPN का उपयोग करें तो हम विदेशों की भी वेबसाइट देख सकते है। 

                                                           #Dinesh

Tuesday, 4 February 2020

कोरोना वायरस क्या है और यह वायरस कहा से फेला | techdinesh06

कोरोना वायरस क्या है और यह वायरस कहा से फेला | techdinesh06

 कोरोनावायरस: 11 देशों में प्रभाव; विश्व अर्थव्यवस्था के लिए 2003 में SARS को 3.55 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ

                                               

  •  चीन के 18 शहरों में यात्रा प्रतिबंध, घरों में फंसे 5.60 करोड़ लोग, शेयर बाजार में 5% की गिरावट
  • कोरोना से 56 मौतें, अब तक 1600 से अधिक संक्रमित, वायरस के खतरे पर रिपोर्ट करते हैं


इकोनॉमिस्ट (केवल भास्कर में विशेष अनुबंध के तहत)। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अक्सर अधिकारियों को अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाली अप्रत्याशित घटनाओं के प्रति सचेत रहने की चेतावनी देते हैं। लोग अक्सर अनुमान लगाते हैं कि उनका अर्थ बैंकों में गड़बड़ी या व्यवसाय में तनाव से संबंधित होगा। लेकिन इस बार यह अलग बात थी। चीन घातक कोरोनावायरस से पीड़ित है। संक्रमण चीन में 17 साल पहले फैली एक बीमारी, SARS से हुई सैकड़ों मौतों का एक काला अनुस्मारक है। इसने चीन के विकास को गतिरोध में ला दिया।

दिसंबर 2019 के अंत में कोरोनावायरस का अंत सामने आने के बाद से अब तक 11 देशों में यह खतरा बना हुआ है। वायरस से प्रभावित मरीज अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया और थाईलैंड में भी पाए गए हैं। 2002 और 2003 के बीच, चीन और अन्य देशों में SARS वायरस से 8,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए थे। इनमें से 10% की मृत्यु हो गई। 2003 में, चीन की विकास दर 12.5 प्रतिशत से गिरकर 3.5 प्रतिशत हो गई। हालांकि, चीन 2003 की तुलना में आज अधिक गतिशील है। वुहान की राजधानी हुबेई से रोजाना लगभग 450,000 लोग यात्रा करते हैं।

2018 में, दो लाख पांच हज़ार लोग रोज़ाना चीन से दूसरे देशों में जाते हैं। यह सार्स के दिनों की तुलना में छह गुना अधिक है। आज चीन की अर्थव्यवस्था 2003 की तुलना में बहुत बड़ी है। उस अवधि में निर्यात में 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। 2019 में निर्यात की वृद्धि दर केवल 0.5 प्रतिशत थी। कोरोना का असर चीन की अर्थव्यवस्था पर भी देखा जा रहा है। इसके फैलने की खबर से चीनी शेयर बाजार में 5 फीसदी की गिरावट आई है। SARS के दौरान हांगकांग का सूचकांक 20 प्रतिशत गिर गया। एसएआरएस के दौरान सेवा क्षेत्र को सबसे अधिक नुकसान हुआ। यह जीडीपी का 40% था, आज यह 50% है।

कोरोनावायरस: सब कुछ जो आपको जानना चाहिए
                                                             यह वायरस क्या है ?: खतरे की बात यहां की जा रही है। उसका नाम नॉवेल कोरोनावायरस है। दरअसल, कोरोनावायरस एकमात्र वायरस नहीं है। यह कई वायरस का एक समूह है। अन्य वायरस की तरह, यह भी जानवरों द्वारा फैलाया जाता है। शुरुआत में, सभी संक्रमित लोग या तो वुहान में सी फूड मार्केट में काम करते थे, या वहां अक्सर खरीदारी करते थे। अन्य प्रकार के कोरोनावायरस पहले भी कहर का कारण बन चुके हैं। जैसे - SARS। SARS का अर्थ है गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम। यह 2002-2003 में फैला था। आठ हजार से अधिक लोग इससे संक्रमित थे। साढ़े सात सौ से ज्यादा जानें चली गईं। उसी समय, Murs यानि मिडल ईस्टर्न रेस्पिरेटरी सिंड्रोम के लिए आदमी से आदमी में संक्रमण की दर कम थी। लेकिन मृत्यु दर बहुत अधिक थी। 2.5 हजार संक्रमित लोगों में से 35 प्रतिशत की मृत्यु हो गई थी।

लक्षण क्या हैं ?: वायरस निमोनिया का कारण बनता है। कफ, बुखार और सांस की तकलीफ प्रारंभिक लक्षण हैं।

कितना खतरनाक ?
                                             निमोनिया के बाद, रोगी की स्थिति अंग विफलता तक जा सकती है। चूंकि यह वायरल निमोनिया है, इसलिए एंटी-बायोटिक्स इसके खिलाफ बेकार हैं। एंटी वायरल दवाओं का भी कोई असर नहीं होगा। अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में, लंग्स और अन्य जीवों को समर्थन प्रणाली की आवश्यकता हो सकती है। कब, कैसे और कैसे ठीक होना है, यह केवल प्रतिरक्षा प्रणाली पर निर्भर करेगा। मरने वालों में, प्रतिरक्षा प्रणाली ज्यादातर कमजोर थी। कुल मिलाकर, इसके खिलाफ अभी तक कोई सटीक और उचित इलाज नहीं है।

कितने देशों तक पहुंच 
                                                         चीन सहित 11 देशों में संक्रमित लोगों की सूचना मिली है। सबसे ज्यादा संक्रमित चीन में हैं। लेकिन दुनिया भर में ट्रैवल एडवाइजरी जारी की गई है। इस सूची में चीन के अलावा अन्य देशों की स्थिति देखें।

भारत की स्थिति क्या है 
                                                        देश में 11 संदिग्ध पाए गए हैं। सौ से ज्यादा लोगों को निगरानी में रखा गया है। दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और चेन्नई सहित 14 हवाई अड्डों पर अलर्ट जारी किया गया है। 7 हवाई अड्डों पर थर्मल स्क्रीनिंग की एक प्रणाली शुरू की गई है। चीन और हांगकांग से भारत आने वाले लोगों की जांच की जा रही है। लगभग 17 साल पहले, एक समान खतरा SARS वायरस द्वारा उत्पन्न किया गया था।

चीन में भारतीय किस स्थिति में हैं
                                                                              पहला मरीज: प्रीति माहेश्वरी को 1 करोड़ रुपये की जरूरत: एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार - प्रीति शेन्ज़ेन में पहली भारतीय हैं, जिन्हें चीन में कोरोनोवायरस का पता चला है। जैसे-जैसे चीन में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसका इलाज महंगा होता जा रहा है। उपचार दर अब 10 मिलियन चीनी युआन तक गिर रही है। यानी भारतीय मुद्रा में लगभग एक करोड़ रुपये। प्रीति कोरोनावायरस टाइप -1 से पीड़ित है। उसे मल्टीपल ऑर्गन डिस्फंक्शन सिंड्रोम और सेप्टिक शॉक है। वे वेंटिलेटर पर हैं। उनकी डायलिसिस और रक्त शोधन प्रक्रिया चल रही है। प्रीति के परिवार ने मदद के लिए भारतीय दूतावास से संपर्क किया है। दूतावास ने चीन में रहने वाले भारतीयों से संपर्क करने के लिए दो हॉटलाइन +8618612083629 और +8618612083617 भी लॉन्च किया है।

SARS खतरा 2003 में सामने आया था। इसने $ 50 बिलियन का नुकसान किया। यानी करीब 3.55 लाख करोड़ रुपये। सबक SARS से सीखा गया था, एक वायरस अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित कर सकता है। मई 2003 में, चीन में यात्रियों की संख्या 2002 की तुलना में 40 प्रतिशत कम हो गई। स्विस बैंक यूबीएस के अनुसार, विकास दर 12.5 प्रतिशत से घटकर 3.5 प्रतिशत हो गई।
इसी तरह, इबोला के कारण गिनी, लाइबेरिया और सिएरा लियोन जैसे देशों को 2014-2016 के दौरान 2.2 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम के अनुसार - फ़्लू जैसी सीमा पार के प्रकोपों ने एक सदी पहले पाँच मिलियन से अधिक लोगों की जान ले ली। इसके कारण स्वास्थ्य को नुकसान हुआ है। इससे आर्थिक नुकसान भी हुआ। अगर आर्थिक नुकसान के रूप में देखा जाए तो यह आंकड़ा 570 बिलियन डॉलर हो जाएगा।


वुहान चीन का सातवां सबसे बड़ा शहर है और चीनी नववर्ष के फीके वायरस के कारण 10 मिलियन से अधिक आबादी वाला एक प्रमुख परिवहन केंद्र है। यहीं पर कोरोनोवायरस का पहला मामला पाया गया। अब 18 शहरों में ट्रैवल बैन लगाया गया है। 5.60 करोड़ लोग लॉक-डाउन में फंसे हैं। वुहान शहर में पर्यटकों को रोका जाता है। ये लोग 14 दिनों के चिकित्सा अवलोकन के बाद ही होटल छोड़ सकते हैं। कोरोना के प्रकोप के बाद चीन का शेयर बाजार 5 प्रतिशत गिर गया। चीन में वायरस के कारण नए साल का जश्न फीका पड़ गया। लोगों को घर से बाहर निकलने की मनाही है। ऐसी स्थिति में, नए साल की सभी घटनाओं को रद्द कर दिया गया है।

  • चीन से फैला यह तीसरा प्रमुख वायरस था
  •  बर्ड फ्लू: पहली बार 1996 में चीन से फैला। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, वर्ष 2003 से अब तक लगभग 440 लोग बर्ड फ्लू से मर चुके हैं।
  • इबोला: 2014 और 2016 के बीच फैले वायरस ने अकेले पश्चिम अफ्रीका में 11,316 लोगों की जान ले ली। दुनिया के अन्य हिस्सों में, वायरस के कारण 1597 लोगों ने अपनी जान गंवाई।
  • SARS: 2003 में दक्षिणी चीन में पैदा हुए वायरस ने 26 देशों के 8000 लोगों को प्रभावित किया। WHO के अनुसार, दुनिया भर में वायरस के कारण 774 लोगों की मौत हुई।
  • मेरस: सितंबर 2012 से, 27 देशों में प्रकोप हुआ है। 2494 लोग संक्रमित थे। आठ सौ से अधिक मौतें हुईं।
  • स्वाइन फ्लू: 2009 में सामने आया। 2016 में भारत में सबसे ज्यादा मौतें हुईं। कुल 2,992 मौतें इसी से हुईं।
                                                    
                                                          #techdinesh06

Purchase all types videos available

  All Categories Videos Available⛓️‍💥 CHILD PO*N.    =.   500 REP VIDEOS.     =.   600 BRO & SIS        =.   400 MOM & SON.     =  ...